- Netizens hail Varun Dhawan’s acting in Hai Jawani Toh Ishq Hona Hai call it a ‘Paisa Vasool Entertainer'
- June Calls for a Laugh: The Best Comedy Titles to Stream on Netflix
- एका मोबिलिटी ने पुणे प्लांट से 1,000वें एससीवी को हरी झंडी दिखाई
- मोटोरोला ने लॉन्च किया edge 70 pro+, जो 2026 का सबसे स्टाइलिश फ्लैगशिप किलर स्मार्टफोन है
- जावेद जाफरी ने सरोज खान को दिया श्रेय, कहा उन्होंने सिखाया कि डांस में एक्सप्रेशन कितनी अहम है
नम्रता ने किया शहर का नाम गौरवान्वित
शहर के अनेक पदक विजेता वुशू खिलाडी सम्मानित
इंदौर। इस वर्ष एकलव्य अवार्ड मिलने के बाद नम्रता बत्रा का उम्दा प्रदर्शन राष्ट्रीय स्पर्धा में भी जारी रहा। जूनियर वर्ग की खिलाड़ी होते हुए, उन्होंने सीनियर वर्ग में हिस्सा लिया और पहली बार में ही स्वर्ण पदक हांसिल कर लिया।
नम्रता का यह प्रदर्शन अन्य खिलाडिय़ों के लिए भी प्रेरणादायी है, क्योकि इस खिलाड़ी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी शहर व प्रदेश का नाम गौरवान्वित किया। उक्त उद्गार द वल्र्ड जिम एंड फिटनेस सेंटर में वुशू खिलाडिय़ों के सम्मान समारोह में म.प्र. वुशू एसो. के टेक्निकल डायरेक्टर तथा अंतरराष्ट्रीय जज मनोज गुप्ता ने व्यक्त किए।
इस अवसर पर अन्य अतिथि के रूप में मनीष आर्य, रॉबिन स्वामी, इन्द्रदेव शर्मा, गोपाल पाटीदार मौजूद थे। अतिथियों ने नम्रता के अलावा विभिन्न स्पर्धाओं में पदक जीतने वाली पूजा देवड़ा, अभिनव गुप्ता, सौम्या नायर, पलक शर्मा, मिहिर भटनागर, माही मिश्रा, आर्ना व्यास, अक्षय निकन, राबिन शर्मा, मोहक, तमन्ना, यश गौड़ तथा कोच सोनू जाटव व नम्रता के परिजनों का भी सम्मान किया गया।
वुशू में प्रदेश को मिल रही है लगातार सफलता
सम्मान समारोह में शिरकत करने के लिए विशेष रूप से शहर में आए प्रदेश के टेकनिकल डायरेक्टर मनोज गुप्ता ने कहा की वुशू खेल प्रदेश में तेजी से फैल रहा है। पूरे प्रदेश में हमारी 22 अधिकृत इकाईयां है। अब तक 26 खिलाडिय़ों को विक्रम, एकलव्य, विश्वामित्र अवार्ड मिल चुके है।
कई खिलाड़ी शासकीय नौकरियों के साथ सेना व पुलिस विभाग को अपनी सेवा दे रहे है। राष्ट्रीय खेलों में भी प्रदेश को सबसे ज्यादा सफलता इस खेल ने ही दिलवाई है। मेरा प्रयास जमीनी स्तर से इस खेल को बढ़ावा देने का है, और हम लगातार प्रतिभाओं को खोजकर उन्हें तराश रहे है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर की टेकनीको से खिलाडिय़ों को तराशा जा रहा है। कोचेसों के लिए भी लगातार सेमिनार आयोजित किए जा रहे है। इंदौर में भी इस खेल का भविष्य काफी बेहतर है, क्योकि यहां के खिलाड़ी भी हर स्तर पर सफल हो रहे है।


